अपराजिता, नारी शक्ति एवं बंगाल एनर्जी की विकास यात्रा
'अपराजिता' के 15वें संस्करण के 'टाइटल स्पॉन्सर' बंगाल एनर्जी लिमिटेड की कहानी साहस और गहरी सामाजिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। कंपनी के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर ओम जालान ने अपनी दूरदर्शिता से जिस विशाल विरासत की नींव रखी, आज वह विकास के एक नए चरण में है। इस यात्रा में उनका साथ दे रही हैं बंगाल एनर्जी की चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) और अगली पीढ़ी की लीडर, सुश्री ऋचा जालान। MBA की शिक्षा पूरी करने के बाद ऋचा एक मजबूत वित्तीय दृष्टिकोण और आधुनिक विचारों के साथ इस स्थापित विरासत को नई दिशा दे रही हैं।
अपराजिता और बंगाल एनर्जी का अटूट रिश्ता
महिला सशक्तीकरण को समर्पित मंच 'अपराजिता' के साथ बंगाल एनर्जी का रिश्ता 2018 से लगातार मजबूत रहा है।
- ओम जी के लिए: "अपराजिता" शब्द का अर्थ है—कभी हार न मानने की भावना और संघर्ष की वह शक्ति जो दूसरों को प्रेरित करे।
- ऋचा के अनुसार: वे इसे "उम्मीद" के रूप में देखती हैं, जो आने वाले कल को बेहतर बनाने का साहस देती है।
'सातत्य' और विकास का नया अध्याय
इस वर्ष के विचार "सातत्य" (निरंतरता) पर दोनों पीढ़ियों का दृष्टिकोण बेहद स्पष्ट है:
- ओम जी के लिए: निरंतरता का अर्थ कंपनी में अधिक से अधिक महिला शक्ति और उनकी कार्य संस्कृति को जोड़ना है।
- ऋचा के अनुसार: निरंतरता में हर पीढ़ी के नए विचारों का समावेश होता है, जिससे विरासत अपने अनूठे अंदाज में आगे बढ़ती है।
तकनीकी विस्तार और निवेश
बंगाल एनर्जी अपनी 'वेस्ट हीट जनरेशन पावर' (Waste Heat Generation Power) तकनीक के बल पर बड़ा विस्तार कर रही है। बिना किसी ईंधन का उपयोग किए गर्म गैसों से बिजली बनाने की यह तकनीक कंपनी की यूएसपी (USP) है। राज्य में जल्द ही 5,000 करोड़ रुपये के निवेश की योजना है, जिससे क्षमता और राजस्व में भारी बढ़ोतरी होगी।
बदलाव और सामाजिक प्रभाव
पुरुष-प्रधान मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ऋचा की उपस्थिति एक सकारात्मक बदलाव है। उनका मानना है कि महिलाओं को इस क्षेत्र में आगे आना चाहिए ताकि यह केवल पुरुष-प्रधान न रहे। बंगाल एनर्जी और अपराजिता का यह संगम समाज में बड़ा प्रभाव डाल रहा है। 'अपराजिता संस्थान' के ज़रिए अनगिनत बच्चियों के सपनों को पंख, शिक्षा और पोषण दिया जा रहा है।
"मेहनत से हर मंज़िल मुमकिन है, क्योंकि नारी शक्ति में हर नामुमकिन को मुमकिन बनाने की क्षमता है!"
— श्री ओम जालान का संदेश